भुगतान से पहले समझें

अपने लोन की असली लागत समझें

वास्तव में मिली रकम, काटे या अलग से दिए गए शुल्क और हर किस्त की सही तारीख व राशि दर्ज करें। कैलकुलेटर केवल सामान्य मासिक EMI नहीं मानता, बल्कि आपके वास्तविक cash flow पर गणना करता है।

अपना लोन कैलकुलेट करें →
✓ किस्त की तारीख अपनी रखें ✓ शुरुआत में कटे शुल्क जोड़ें ✓ कोई अकाउंट जरूरी नहीं
पहला कदम

अपने लोन की जानकारी भरें

जो जानकारी पता है वही भरें। बाद में किसी भी किस्त को बदला जा सकता है।

₹

लोन की जानकारी

स्वीकृत रकम, वास्तव में मिली रकम और लोन देने वाले ने जो दर बताई है उससे शुरुआत करें।

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काटे या अलग से दिए गए शुल्क

प्रोसेसिंग फीस, बीमा, दस्तावेज शुल्क और लोन लेने से जुड़े अन्य शुल्क।

💡लोन मिलने से पहले काटी गई या अलग से दी गई हर रकम लिखें।
शुल्क का नामराशि (₹)कैसे भुगतान किया?
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भुगतान / किस्तों का शेड्यूल

वास्तविक तारीख और राशि डालें। किस्तें अलग-अलग हो सकती हैं और किसी भी अंतराल पर हो सकती हैं।

जल्दी शेड्यूल बनाएं (बाद में बदल सकते हैं)
🌾हर तारीख और रकम बाद में बदली जा सकती है। अपनी असली किस्तें डालें।
नामभुगतान की तारीखभुगतान राशि (₹)
असली लागत देखने के लिए तैयार हैं? 🔒 आपका ड्राफ्ट केवल इसी डिवाइस पर सेव होता है।
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सिर्फ बात नहीं — लिखे हुए हिसाब पर भरोसा करें।

Sanction letter, KFS, रसीद और repayment schedule संभालकर रखें। इस कैलकुलेटर से उसे आपके हाथ में आई और वापस गई असली रकम से मिलाएँ।

अगर हिसाब नहीं मिलता

ब्याज की दर लिखित में मांगें

लिखित रिकॉर्ड होने से गलत या अस्पष्ट लोन जानकारी पर सवाल करना आसान होता है।

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सबसे पहले बैंक/लेंडर से लिखित में मांगें

Field executive ने जो % मौखिक रूप से बताया है, उस पर अकेले भरोसा न करें। लोन की आधिकारिक शर्तें लिखित में मांगें।

कृपया निम्न जानकारी बैंक/लेंडर के letterhead या lender के official email/document पर लिखित में दें: स्वीकृत लोन राशि, वास्तव में मिलने वाली राशि, वार्षिक ब्याज दर और वह flat है या reducing-balance, जहाँ लागू हो APR, पहली EMI/किस्त की तारीख, हर किस्त की तारीख और राशि, processing/documentation charges, insurance और अन्य सभी charges। कृपया लागू KFS/sanction letter और repayment schedule भी दें।
लागू retail/MSME term loans के लिए RBI के KFS नियम सरल भाषा में KFS, APR और amortisation schedule की जानकारी मांगते हैं; insurance/legal जैसे third-party charges भी लागू होने पर disclosed होने चाहिए।
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फिर भी लेंडर समझाए नहीं तो

1
बैंक/लेंडर को लिखित शिकायत दें

Sanction/KFS, रसीद, repayment schedule और यह calculation लगाएँ। Complaint/reference number और लिखित जवाब मांगें।

2
RBI में शिकायत — लागू बैंक/NBFC के लिए

अगर regulated entity 30 दिनों में जवाब नहीं देती या जवाब से संतुष्ट नहीं हैं, तो RBI के current Integrated Ombudsman Scheme के तहत Complaint Management System का उपयोग कर सकते हैं।

3
Consumer grievance support

National Consumer Helpline pre-litigation शिकायत सहायता देता है: portal, 1915 / 1800-11-4000 और WhatsApp 8800001915 के माध्यम से।

यह वेबसाइट cash-flow की गणितीय लागत निकालती है; यह तय नहीं करती कि lender ने कानून तोड़ा है या नहीं। मूल कागज संभालकर रखें और औपचारिक विवाद में विशेषज्ञ/कानूनी सलाह लें।
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तारीख क्यों मायने रखती है

3 महीने बाद दिया गया ₹70,000 और 9 महीने बाद दिया गया ₹70,000 एक जैसा cash flow नहीं है।

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शुल्क क्यों मायने रखते हैं

लोन मिलने से पहले कोई रकम कटती है तो आपके हाथ में आई वास्तविक रकम स्वीकृत रकम से कम होती है।

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यह कैलकुलेटर अलग क्यों है

आप अलग-अलग किस्तें, अलग तारीखें, अलग शुल्क और असली लोन की बाकी जानकारी डाल सकते हैं।